Lrc Aai nai by Rajkumar Rao,saraadha Kapoor,pawan singh
Aai nai - Rajkumar Rao,saraadha Kapoor,pawan singh LRC Lyrics - Donwload, Copy or Adapt easily to your Music
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1 year ago
by
Guest
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[ar:Rajkumar Rao,saraadha Kapoor,pawan singh ]
[al:Mp3]
[ti:Aai nai ]
[length:03:18.19]
[by:Anurag kushwaha 👑]
[re:www.megalobiz.com/lrc/maker]
[ve:v1.2.3]
[00:04.71]झूठी खाई थी क़सम जो निभाई नई झूठी खाई थी क़सम जो निभाई नई झूठी खाई थी क़सम जो निभाई नई काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई ले के आया भी मैं घर से रजाई नई ले के आया भी मैं घर से रजाई नई नहीं आई आई आई तू तो आई नई हो नहीं आई आई आई तू तो आई नई हो काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई निकल रही थी मैं तो सज के संवर के टोका मेरी अम्मा ने आँखें बड़ी कर के हो बोली मुझे क्यों री कहां चली कलमुई खेतों में कुंवारी छोरी जाती नहीं यूंही ऐसे लड़के जो खेतों में बुलाते हैं हाँ ऐसे लड़के जो खेतों में बुलाते हैं बेटी बनते कभी भी वो जमाई नई काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई हो काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई हो ढल जाए रे जवानी इंतज़ार में हो ढल जाए रे जवानी तेरे प्यार में तेरे चक्कर में दूसरी पटाई नई तेरे चक्कर में दूसरी पटाई नई तेरे चक्कर में दूसरी पटाई नई काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई हो काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई हो आई आई आई आई तू तो आई नई हो काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई ओह उई माँ उई माँ उई माँ ओह उई माँ उई माँ उई माँ ओह उई माँ उई माँ उई माँ ओह उई माँ उई माँ उई
[al:Mp3]
[ti:Aai nai ]
[length:03:18.19]
[by:Anurag kushwaha 👑]
[re:www.megalobiz.com/lrc/maker]
[ve:v1.2.3]
[00:04.71]झूठी खाई थी क़सम जो निभाई नई झूठी खाई थी क़सम जो निभाई नई झूठी खाई थी क़सम जो निभाई नई काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई ले के आया भी मैं घर से रजाई नई ले के आया भी मैं घर से रजाई नई नहीं आई आई आई तू तो आई नई हो नहीं आई आई आई तू तो आई नई हो काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई निकल रही थी मैं तो सज के संवर के टोका मेरी अम्मा ने आँखें बड़ी कर के हो बोली मुझे क्यों री कहां चली कलमुई खेतों में कुंवारी छोरी जाती नहीं यूंही ऐसे लड़के जो खेतों में बुलाते हैं हाँ ऐसे लड़के जो खेतों में बुलाते हैं बेटी बनते कभी भी वो जमाई नई काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई हो काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई हो ढल जाए रे जवानी इंतज़ार में हो ढल जाए रे जवानी तेरे प्यार में तेरे चक्कर में दूसरी पटाई नई तेरे चक्कर में दूसरी पटाई नई तेरे चक्कर में दूसरी पटाई नई काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई हो काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई हो आई आई आई आई तू तो आई नई हो काटी रात मैंने खेतों में तू आई नई ओह उई माँ उई माँ उई माँ ओह उई माँ उई माँ उई माँ ओह उई माँ उई माँ उई माँ ओह उई माँ उई माँ उई
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